सीधे मुख्य सामग्री पर जाएं

Kaise apne aap ko behtar banaye कैसे अपने आप को बेहतर बनाए ?

         आज में आपको बताऊंगा की अपने खाली समय में अपने आपको व्यस्त कैसे रखें। और अपने आप को दुसरो से ज़्यादा बेहतर कैसे बनाये। 



१.  कोई नई भाषा सीखिये  

                         अगर आप के पास बहोत समय हे जैसे की अभी इस lockdown में आप के पास काफ़ी समय हे और कुछ न करे उससे बेहतर हे की आप एक नहीं भाषा सिख ने का प्रयत्न कीजिये में जानता हु की हम जल्दी से कोई भी नयी भाषा नहीं सिख सकते पर हम अपने इस खाली समय में कुछ सिख ने का प्रयत्न तो अवश्य कर सकते हे। और कुछ नहीं तो आपको नयी भाषा के कोई शब्द तो याद रहेगा वो भी काफी हे और किसी न किसी दिन हमने जो सीखा हे वो काम ज़रुर आता हे। कोई भाषा आप youtube से सिख सकते हे जैसे की बहोत सारे लोगो को इंग्लिश भाषा सिखने का मन होता हे पर वो सिख नहीं पाते पर youtube से बहोत जल्दी आप english भाषा सिख सकते हे।  बस आप को सर्च में लिखना हे learn english . ऐसे ही आप कोई भाषा youtube से बड़ी आसानी से सिख सकते हो। 

२. अच्छी सी फ़िल्म देखिये 

                       फिल्म देख ना तो हर किसी को पसंद होता हे। पर हमें ये नहीं पता की कैसी फिल्म हमें देखनी  चाहिए जिस से हमें कुछ फायदा हो। ऐसा कहा जाता हे की इंसान का दिमाग चित्र और आवाज़ जल्दी और ज़्यादा समय तक याद रख सकता हे इसी लिए हमें पढाई से ज़्यादा फिल्म या गीत लंबे समय तक याद रहते हे। मेरी सबसे प्रिय फिल्म lusy फिल्म हे ये फिल्म hollywood की हे और ये २०१४ में आयी थी। इस फिल्म को आप जितनी बार देखोगे आपको हर बार मज़ा ही आएगा। ये फिल्म पूरी तरह दिमाग पर निर्भर हे जिसमे lusy नाम की १ लड़की ने अपने दिमाग १००% भाग जागृत कर दिया था। और तब वो क्या क्या कर सकती हे फिल्म उसी के बारे में हे १ बार आप सबको ये फिल्म देख ने चाइये। अगर आपको ये फिल्म पसंद आये तो आप मुझे comment करे में आपको दूसरी फिल्म बताऊंगा। 

३. पुस्तक पढ़िये 

                १ पुस्तक इंसान का सबसे अच्छा दोस्त बन सकता हे। ये बात हमेशा से में सब को कहता आ रहा हु। अच्छा पुस्तक और अच्छा दोस्त हमारे जीवन को बेहतर बनाते हे। कभी कभी पुस्तक इंसान को सही राह भी देखा देती हे। जैसे की भागवद गीता जीवन को जीना सिखाती हे ,महान मनुष्य की कथा जैसे की स्वामी विवेकानंद।  स्वामी विवकानंद को या किसी भी ऐसा इंसान जो आपके प्रिय हे और वो आज जगत में सबसे नामचीन लोको में से १ हे तो आप उनके बारे में google से भी  पढ़ सकते हे। क्या पता शायद उनकी कहानी ही आपको अपने जीवन कोई नया रास्ता दिखाए। 

४. ध्यान योग को भी समय दे 

             ध्यान योग हमारे जीवन को सही दिशा देते हे। अगर आप को नहीं पता की ध्यान कैसे करे तो ये बहोत सरल हे आपको पहले अपनी आँख बंध कर लेनी हे और सिर्फ अपने सांस पर ध्यान दीजिये आपको सिर्फ अपने साँस पे ध्यान रखना हे कैसे साँस बहार आ रही हे कैसे वो अंदर जा रही हे आप को सिर्फ वही देख न हे और ऐसा करते करते आप के दिमाग के सारे विचार आप से दूर चले जायेगे और आप को भीतर से इस से बहोत आंनद मिलेगा। शरुवात में आपको थोड़े समय ये करना हे और धीरे धीरे ध्यान करने का समय बढ़ाना हे सिर्फ २१ दिन अपने लिए ये करके देखो अगर कुछ परिणाम न मिले तो छोड़ देना मेने ध्यान से बहोत सारी बात सीखी हे जो १ इंसान को दूसरे इंसान से अलग कर देती हे। आपको आपके सभी सवाल के जवाब ध्यान में मिल सकते हे अगर विश्वास न हो तो खुद ही प्रयत्न कर के देख लेजिये। और २१ दिन बाद मुझे बताना की आपको क्या अहसास हुवा और आपमें क्या परिवर्तन आया। 

५.  खाना पकाना सीखे 




                    आज के युग में स्त्री पुरुष दोनों को १ समान महत्व मिल रहा हे। पुरुष को भी खाना पकाना सिखना चाहिए, अगर आपकी माँ, पत्नि या आप की बेहन कभी बहार गयी तो कितने दिन तक आप बहार का खाना खा सकते हे ३ दिन ४ दिन उसके बाद तो आप को घर के खाने की याद आ ही जाएगी ज़्यादा बहार का खाने से आपका स्वास्थय भी बिगड़ सकता हे पर अगर आप को ज़्यादा नहीं पर थोड़ा बहोत खाना भी पकाना आता हे तो घर में खाने की समस्या ख़तम हो जायेगी और किसी दिन अपने हाथ का खाना अपने परिवार को खिलाके तो देखो स्वाद चाहे जैसा भी हो उनको ख़ुशी मिलेगी की आपने प्रयत्न तो किया। और कभी भी ऐसा सोचना मत की में तो लड़का हु में कैसे खाना बनाऊ अगर लड़का हो के खाना बना ने में शर्म आती हे तो में आपको एक बात बता दू की भारत और विश्व में सबसे अच्छे खाना पकाने वाले ज़्यादातर लड़के हे ही। 

                       अगर आपको इसके अलावा और जानना चाहते हो की खाली समय में और क्या करे तो मुझे comment में करो में इसके लिए दूसरा भाग भी बनाऊंगा। और इनमे से आप कोई चीज़ अभी lockdown में कर रहे हो तो वो भी comment में बताना।

Kaise apne aap ko behtar banaye 

टिप्पणियाँ

इस ब्लॉग से लोकप्रिय पोस्ट

bhoot ko hua pyar - भूत को हुआ प्यार

       एक बार की कहानी हे कंडल नाम के शहर में विजय नाम का एक आदमी रहता था। वो अकेला ही रहता था उसके परिवार या सगा सबंधीयो में कोई नहीं था। विजय ने कभी शादी भी नहीं की क्युकी उसे अब अकेले रह ने की ही आदत हो गयी थी। बचपन से ही उसे न माता पिता का प्यार मिला न भाई बहन का           एक दिन जब वो कुछ सब्जी लेने के लिए बहार जाता हे सब्जी लेकर घर ही जा रहा था और रास्ते में एक कार से उसको टक्कर लग जाती हे और वो बहोत दूर जाके पड़ता हे। वो सड़क पर खून से लत पत्त पड़ा रहा पर बहोत समय तक उसे कोई बचाने नहीं आया। सब लोग ने बस भीड़ जमा कर के रखी थी कोई फ़ोन में वीडियो उतार रहा था तो कोई खड़े खड़े तमाशा देख रहे थे। सब विजय को गेहर के खड़े हो गये। और तभी वहा प्रिया नाम की एक लड़की विजय को मदद करने के लिए आगे आती हे। उसने तुरंत एम्बुलेंस को फ़ोन किया। एम्बुलेंस को आयी की तुंरत ही विजय के साथ एम्बुलेंस में बैठ गयी विजय के शरीर में से काफी खून बह रहा था। इस लिए प्रिया ने अपने दुपट्टा का थोड़ा कटका फाड़ के विजय का खून रोक ने का प्रयास कर रही थी। पर विजय का...

Bhavishy se daro mat -भविष्य से डरो मत

        जैसे जैसे टेक्नोलॉजी में परिवर्तन आता हे वैसे ही समय के साथ इंसान के व्यवहार में भी १ चीज़ आने लगती  हे और वो हे डर आज डर किसी भी इंसान में सामन्य माना जाता हे मतलब हर कोई किसी न किसी चीज़ से डरता हे पर १ बार आप ही सोच के देखो की ये दर क्या हे और उसकी शरुवात कहा से हुवी इंसान कितना भी क़ामयाब क्यों न हो जाये पर अगर उसके अंदर किसी बात का डर छुपा हे तब कामियाब होते हुवे भी वो इंसान हमेशा दुखी होता हे।                कोई इंसान को डर रहता हे की भविष्य में उस से कोई आगे नहीं निकल जाये माता पिता को उसके संतान को कुछ हो न जाये उनकी सुरक्षा से जुड़ा डर रहता हे किसी को अपने भविष्य के बारे में चिंता होती हे आसान भाषा में बात करे तो डर कभी भी हकीकत में नहीं होता वो हमेशा भविष्य में होता हे और भविष्य तो अनिश्चित हे हमारी मृत्यु हमारी हाथ में नहीं हे हम भविष्य देख भी नहीं सकते फिर क्यों भविष्य के डर के बारे में हम वर्तमान में सोचते हे। आपको जान कर शायद हैरानगी होगी की किसी डर या चिंता को बार बार रोज़ सोच ने से इंस...

bhakt aur bhagwan ki katha -भक्त और भगवान की कथा ।

                 आज की कहानी १ भक्त और भगवान की हे मंडल नाम का एक गाँव था। वहा गोविंद और गुणी नाम के १ दम्पति रेहते थे। वो भगवान श्री कृष्णा के बहोत बड़े भक्त थे संध्या के समय हर रोज़ गोविंद नदी के तट पर जाता और भगवान का ध्यान धरता। गोविंद की पत्नि स्वभाव में बिलकुल उसके जैसा था और उनकी पत्नी का नाम गुणी था। वो अपने पति को ही भगवान मान कर उनकी हर बात मानती और भगवान की सेवा पूजा में भी अपने पति की मदद करती उनसे मिल कर ऐसा लगता जानो कृष्णा भक्त मीरा और श्री राम पत्नी सीता दोनों के ही गुण बराबर मात्रा में थे।              गोविंद कुछ भी काम धंधा नहीं करता था उसने अपना पूरा जीवन भगवान के भरोसे ही छोड़ दिया था गुणी घर में ही भगवान के लिए खिलोने बनाती और बहोत ही कम किम्मत में दुसरो को दे देती। घर में पैसे की बचत करना असंभव जैसा था। गुणी हमेशा अपने पति से कहती की भगवान हर बार तो हमारी मदद कर ने नहीं आ सकते। पर गोविंद एक ही बात बोलता जब इतने साल तक भगवान ने मुझे कोई भी कस्ट नहीं दिया हे तो आगे भी...